बिहार बाढ़ ने 35 लाख आबादी को चपेट में लिया, 70 की मौत

बिहार बाढ़ ने 35 लाख आबादी को चपेट में लिया, 70 की मौत
Image Source : Oye Khabree / Google

पटना। बिहार में बीते 24 घंटे से उत्तर बिहार में हो रही तेज बारिश व नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। उत्तर बिहार के 40 प्रखंडों की लगभग 35 लाख की आबादी बाढ़ से घिरी हुई है। राज्य सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना की मदद मांगी थी। इस सिलसिले में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात की और बाढ़ के हालात का जायजा लिया और प्रधानमंत्री ने बिहार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। बाढ़ का जायजा लेने के लिए सीएम नीतीश कुमार आज बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किए।

बिहार में बाढ़ का कहर जारी है और इसमें अब तक मरने वालों की संख्या 70 हो चुकी है, लेकिन सरकार सिर्फ 41 की ही पुष्टि कर रही है। बताया जा रहा है कि 12 जिलों के 65.37 लाख लोग बाढ़ की जद में हैं। बाढ़ से अररिया में 20, किशनगंज में 5, पूर्वी चंपारण ने 3, पश्चिमी चंपारण में 3, दरभंगा में 3, सीतामढ़ी में 6 और मधुबनी में एक व्यक्ति मौत की पुष्टि हुई है। वहीं 12 जिलों के 84 प्रखंड के 889 पंचायत के 65.37 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र से निकाले गए एक लाख 82 हजार 420 लोग निकाल लिए गए हैं। इनमें से 48120 लोगों 254 राहत शिविर में रखा गया है।

बाढ़ का ऐसा भयंकर रूप लोगों ने पहले कभी नहीं देखा होगा। बाढ़ की तबाही सोमवार को भी जारी रही। रविवार रात ऊंचे स्थानों पर काटने के बाद सुबह की पहली किरण के साथ ही लोगों का शहर से पलायन शुरू हो गया था। लोग खाने का सामान और जरूरी रोजमर्रा की चीजों को लेकर ऊँचे स्थानों की ओर पलायन करने लगे थे।

लोग छतों पर शरण लेकर बैठे हैं। सोमवार को हालाकिं सुबह से ही मौसम साफ है और धूप के कारण लोगों ने कुछ राहत की सांस ली है। दूसरी ओर प्रशासनिक टीम कहीं नहीं होने के कारण लोगों में आक्रोश बहुत है। लोगों को उम्मीद थी कि रात बीतने के बाद प्रसाशन जरूर उनकी सुधि लेगा लेकिन दोपहर तक ऐसा नहीं हुआ। कुछ लोगों ने चर्चा जरूर की कि कोशकि क्षेत्र में कुछ नाव चलाया जा रहा है। और लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है। हालांकि इसकी भी पुष्टि करने वाला कोई नहीं था। रविवार शाम में बैठक करके प्रसाशन ने क्या तय किया इसकी भी जानकारी मीडिया तक नहीं पहुंच पायी।

बाढ़ प्रभावित इलाको की गंभीर हालत को देखते हुए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। बाढ़ से पीड़ित लोग सहायता के लिए नीचे दिए गए इन नंबरों पर फोन कर सकते हैं।
ये रहे नंबर-
पूर्णिया: 06454241555
अररिया: 06453222209
किशनगंज: 06456223452 / 06456223453 / 06456223455

सुचना के अनुसार कुल 12 जिलों में स्थिति गंभीर बताई जा रही है। राज्य के सीमांचल के एक दर्जन जिलों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। किशनगंज और अररिया जिले की स्थिति सबसे बदतर हो गई है। दोनों शहर में तीन से चार फीट पानी बह रहा है।
मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि दानापुर और रांची आर्मी बेस से बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रभावित इलाकों में सेना की मदत ली गई। बकौल मुख्य सचिव, बाढ़ प्रभावित किशनगंज, अररिया और पूर्णिया के इलाकों में पहले से ही मौजूद एसडीआरएफ की टीम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गई है।

केन्द्र सरकार से NDRF की 10 टुकड़ियां मांगी गयी हैं। भुवनेश्वर से चार टुकड़ी किशनगंज व पूर्णिया के लिए रवाना हो गई है। पूर्णिया के बायसी प्रखंड के कदमसाड़ी में फंसे करीब 200 लोगों को हेलीकॉप्टर से बाहर निकालकर कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य आरंभ हो गया है। मुख्य सचिव ने कहा कि नेपाल और कोसी तथा सीमांचल के इलाकों में अत्यधिक वर्षा से आयी बाढ़ में फंसे लोगों को निकालना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है।

4.85 लाख क्यूसेक पानी वाल्मीकिनगर गंडक बराज से रविवार को छोड़े जाने से स्थिति और विकराल हो गई है। अररिया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, पूर्वी चंपारण, प. चंपारण, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी में स्थिति गंभीर है।

उत्तर पूर्वी फ्रंटियर रेलवे के प्रमुख जनसंपर्क अधिकारी प्रणव ज्योति शर्मा ने कहा कि रेलवे बोर्ड ने देश के विभिन्न हिस्सों से पूर्वो की ओर से आने वाली सभी ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है, जो कि कटिहार और मालदा शहर तक 16 अगस्त 2017 तक पहुँचनेवाले थे।