मां के संग चिड़ियाघर घूमने गए मासूम, बस हादसे में जिंदा जले

मां के संग चिड़ियाघर घूमने गए मासूम, बस हादसे में जिंदा जले
Image Source : Oye Khabree / news18

नालंदा। बिहार के नालंदा में पटना से शेखपुरा जा रही एक चलती बस में अचानक आग लगने से 8 लोगों की मौत हो गई जबकि एक दर्जन से ज्यादा यात्री अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। हलाकि मुख्यमंत्री ने हादसे में हताहत हुए यात्रियों के परिजनों के लिए 4 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है। लेकिन इस घटना ने कई परिवारों को जीवनभर नहीं भूलने वाला गम दे दिया है।

गर्मी की छुट्टियां चल रही है और जाहिर सी बात है के बच्चे भी घूमने जाने की जिद्द करते है। कुछ ऐसा ही हुआ बिहारशरीफ के नई सराय पटेलनगर में रहने वाली संगीता देवी के साथ। दोनों बच्चों के पिता दिल्ली में एक निजी कंपनी में गार्ड की नौकरी करते हैं। इसलिए संगीता देवी अकेले ही गर्मी की छुट्टी में अपने दोनों बच्चों को चिड़ियाघर दिखाने पटना ले गई थी। उसे इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि पटना से लौटते वक्त अपने बच्चों को जिंदा जलते हुए देखेगी।

संगीता देवी का बेटा बिट्टू कुमार (5) और बेटी मोनी कुमारी (11) को खोने के गम में उनकी हालत नाजुक बनी हुई है और वो बिहारशरीफ के निजी क्लिनिक में जीवन और मौत से जूझ रही है।

दोनों भाई-बहन की दर्दनाक मौत के बाद आसपास के इलाके में सन्नाटा छा गया है और परिजनों का रोकर हाल बुरा है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि बस चालक थोड़े पैसों की खातिर लोगों की जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। प्रशासन भी ऐसी घटनाओ में कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता है।